Skip to main content

Contact us

Contact us


Email us : abnewz.com@gmail.com 


We will try to revert back within 1-2 working days.


Thanks

Comments

Popular posts from this blog

मुंबई : फैशन डिजाइनर ने सीए पर लगाया दुष्कर्म का आरोप - मामला दर्ज

  महाराष्ट्र के मुंबई में 25 वर्षीय फैशन डिजाइनर ने चार्टर्ड अकाउंटेंट पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।युवती का कहना है की पिछले वर्ष 2020 में इंटरनेट मीडिया के जरिये फुरकान खान के संपर्क में आई थी। बाद में ही उनमें चैटिंग होने लगी और उन   दोनों में बातचीत बढ़ती गयी और फिर खान ने  उससे 10 हजार रुपए अपने निजी काम के लिए मांगे और उस लड़की ने अपने दोस्त से उधार लेकर उसको पैसे दिए।कुछ दिन बाद जब उसने फुरकान खान से पैसे लौटाने को कहा तो वह बहाने बनाने लगा और बाद में उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया। लड़की का कहना है की जब 6 महीने के बाद उसका उसके साथ फिर से सम्पर्क हुआ तो खान ने उससे मिलकर पैसे देने को कहना कहा तो वो मान गयी और अगले महीने खान उसके घर आया, जहां वह अकेली रहती थी। घर आकर खान ने उससे शादी की बात की और वो उसके इस मीठे झांसे में आ गयी।घर में अकेले देखकर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और वह उसको उत्पीड़न करने लगा। इससे दुखी होकर वह पुलिस के पास गयी जिसके आधार पर खान के खिलाफ आइपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) का केस दर्ज किया गया है।पुलिस ने युवती का मेडिकल कराने की भी तैया

क्या किसान आंदोलन की आड़ में हो रही है किसानो की छवि बिगाड़ने की कोशिश ?

  किसान आंदोलन अपने चरम पर है। पांच बार भाई सरकार से वार्ता के बावजूद किसानो की मांगो को लेकर अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। किसान अपनी मांगो को लेकर झुकने को तैयार नहीं है जिसके चलते कल 8 दिसम्बर को किसानो ने भारत बंद का एलान किया है। किसान आंदोलन जैसे जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे ही मन में कुछ संशय भी अब पैदा होने लगे है। किसान आंदोलन जब शुरू हुआ तो उसमे शामिल होने वाले निश्चित तौर पर किसान ही थे लेकिन अब बहुत सी राजनितिक पार्टियों के प्रतिनिधि भी उससे जुड़ने लगे है ताकि वो लोग भी इसकी आड़ में अपनी राजनीति की दूकान अच्छे से चमका सके। कुछ सस्ती TRP के चक्कर में फर्जी समाजसेवी भी आपको यहां फोटो लेते हुए दिख जाएंगे। हजारो किसान टिकरी बॉर्डर और सिंधु पर अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए है। अब इतनी बड़ी भीड़ को देखकर राजनीतिक भेड़िये तो आएंगे ही क्योंकि उन के लिए तो यह किसी मौके से कम नहीं है क्योंकि जो भीड़ वो अपनी रैलियों में पैसे खर्च करके भी नहीं जुटा पाते वो उनको बैठे बिठाये मिल गई। जो आंदोलन किसानो की मांगो से शुरू हुआ था वो अब पूर्ण रूप से राजनितिक रंग से रंगा हुआ प्रतीत होता है।  बात यही

दिल्‍ली : मेट्रो पकड़ने की हड़बड़ी में कर बैठा बड़ी भूल - गलती मानने पर मिले दो लाख रुपये

  CISF  के जवानो ने  ईमानदारी और सूझबूझ के साथ अपनी ड्यूटी निभाई इस ईमानदारी  का पता तो तब चला जब शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन पर यात्रीयो कि भीड़भाड़ में एक यात्री अपना दो लाख रुपये से भरा बैग स्टेशन पर ही भूल गया। अकेले बैग को देखकर वन तैनात CISF के जवानों ने उस लावारिस बैग को सुरक्षित रखवा दिया । उस बैग कि जांच कि गयी उसमे कुछ भी गलत चीज नहीं मिलने पर ही बैग को खोला गया तो उससे रुपये बरामद हुए। उसे सुरक्षित रखवा दिया गया और यात्री के आने पर रुपये उन्हें सौप दिए गए। रुपये सुरक्षित मिलने पर यात्री ने जवानों की सतर्कता और ईमानदारी की सराहना की। CISF के वरिष्ठ अधिकारी ने अपने बयान में बताया कि यह घटना दस फरवरी की रात करीब साढ़े आठ बजे घटित हुई । शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन पर तैनात सीआइएसएफ के जवानों ने बैगेज जांच मशीन के समीप एक लावारिस बैग पड़ा देखा था। जिसके बाद उन्होने बैग के संबंध में सभी यात्रियों से पूछताछ की , लेकिन किसी ने भी बैग को नहीं अपनाया । इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से बैग की तलाशी ली गई। इसमें बैग में कोई खतरनाक चीज नहीं मिली।  जब पुलिस  ने उस बैग कि जाँच की तो , तलाशी ल