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कैसे मोदी ने SC/ST एक्ट में फेरबदल कर सुप्रीम कोर्ट का ही फैसला बदल दिया

 

राजीव गांधी सिर्फ कम्प्यूटर ही नहीं लाये थे बल्कि और भी बहुत कुछ लाये थे 
राजीव गांधी एट्रोसिटी (एससी/एसटी) एक्ट भी लाये थे और इस एक्ट में संज्ञेय अपराधों की संख्या उन्होंने रखी थी कुल 22

फिर दलितों को सामाजिक सुरक्षा देने वाले इस एक्ट का दुरुपयोग होने लगा इस एक्ट के रुझान आने शुरू हुए . लोग खेतों की मेड़ और रास्ते से ले के चुनावी और निजी खुन्नस आपस मे इस एक्ट के माध्यम से निकालने लगे

सवर्ण बनाम सवर्ण ….
सवर्ण बनाम ओबीसी ….
ओबीसी बनाम ओबीसी ….

इन वर्ग के झगड़ों में भी लोग अपने परिचित एससी/एसटी जाति वाले के माध्यम से सामने वाली पार्टी पर फर्जी मुकदमे करवा के निजी खुन्नस निकालने लगे

3 साल पहले माननीय सुप्रीम-कोर्ट ने कहा कि हमारे पास एट्रोसिटी एक्ट के आने वाले मुकदमे 90% फ़र्ज़ी पाये जाते हैं इसलिए पुलिस ऐसे मामलों में तत्काल आरोपितों की गिरफ्तारी ना कर के पहले मामले की विस्तृत छानबीन करे
लेकिन 
देश की बागडोर 3 साल पहले और आज भी दलितों के मसीहा दलितेन्द्र जी के हाथों में थी

दलितों के मसीहा दलितेन्द्र जी ने सदन में ऑर्डिनेंस ला के माननीय सुप्रीम-कोर्ट के इस फैसले को ना सिर्फ बदला बल्कि संज्ञेय अपराधों की संख्या भी 22 से बढ़ाकर 47 कर दी …. और साथ ही यह व्यवस्था भी कायम रखी कि दलितों द्वारा एट्रोसिटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करवाते ही आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी हो

मैंने और कुछ जागरूक मित्रों ने जब दलितेन्द्र सरकार के इस नमो एक्ट का विरोध किया तो हमारी ही जाति मन्ने सवर्ण जाति या ब्राह्मण राजपूत बणिया जाति के चाटुकारों ने हमें खूब गालियां दी

हमें देशद्रोही गद्दार वामपंथी कांग्रेसी बिकाऊ दलाल कहा
ओबीसी वर्ग वाले चाटूकारों ने भी हमें खूब गालियां दी थी जबकि एट्रोसिटी एक्ट के सबसे ज्यादा मामले ही ओबीसी वर्ग पर दर्ज होते हैं
दलितेन्द्र जी की हर नीति के परिणाम दूरगामी होते हैं
हाथरस वाले प्रकरण में चारों आरोपी निर्दोष है या दोषी इसका फैसला तो अब न्यायालय में होगा लेकिन चारों आरोपितों पर एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगी है इस प्रकरण में
इसलिए मेरा सिद्धांत और उसूल है

मैं सरकार के साथ नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर अपने समाज के साथ खड़ा होता हूँ  बेशक समाज लाख गलत हो या लाख सही हो

मुझपे जब मुसीबत आएगी मेरे साथ कोई भाजपा कांग्रेस सरकार सांसद विधायक मंत्री खड़ा नहीं होगा मेरे जिले में हर तीसरा घर जाट का है और हर चौथा घर राजपूत का है एवं हर दूसरा घर ब्राह्मण बणिया ओबीसी का है
यही लोग मेरे साथ मुसीबत में खड़े होंगे ….
हाथरस से तो रुझान आने शुरू हुए हैं पूरी फिल्म अभी बाकी है!!

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