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वसुंधरा और गहलोत हुए एक – एक दुसरे का विरोध नही करते ताकि कोई तीसरा सीएम न बन जाए

 

राजस्थान में विपक्ष सरकार के विरुद्ध हल्ला कैसे बोलता है समझिये
शहरी ग्रामीण ब्लॉक जिला अध्यक्ष अपने फेसबुक एकाउंट पेज व व्हाट्सएप्प ग्रुप पर संदेश भेज देंगे कि कल 10:00 बजे पार्टी कार्यालय या फलानी जगह सब आ जाना

10-5 प्रमुख लोगों को फोन कर देते हैं कि सबको सूचित कर देना और आप भी आ जाना
सुबह 10:00 बजे पार्टी कार्यालय नेता कार्यकर्ता इकट्ठा होना शुरू होते हैं . बमुश्किल 50 से 100 नेता कार्यकर्ता या 150 …. अभी चौमासा है लोग खेतों में लगे है लावणी का टेम है तो 50 लोग इकट्ठा हो जाये वो रैल्ली सफल मानी जाती है

फिर सबको फोन करेंगे अरे कहाँ हो आओ ??  आधों के फोन बंद रहेंगेआधे शादी ब्याह भात मायरा मोखाण (शोक) का बहाना मारेंगे …. कुछ कहेंगे रास्ते में हूँ आ रहा हूँ

फिर रजिस्टर में एंट्री करेंगे आज फलां तारीख को प्रदेशाध्यक्ष फ़लाण-चन्द्र जी के आह्वान पर राजस्थान सरकार के विरुद्ध रैल्ली का आयोजन किया  फिर रजिस्टर में सबके साइन होंगे

कार्यालय के सामने चाय कचौड़ी वाले को ऑर्डर दिया जाएगा पार्टी फ़ंड से

11:30 बजे रैल्ली शुरू होगी  बसअड्डे सब्जीमण्डी बाजार कहीं भी गहलोत/वसुंधरा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा के 20 से 30 मिनिट घूमेंगे

फिर ब्लॉक अध्यक्ष सबको कहेगा ज्ञापन देने चलो कलेक्टर/एडीएम/एसडीएम/तहसीलदार को

राजस्थान क्षेत्रफल में बहुत बड़ा है

कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार कार्यालय बहुत दूर होता है 2 से 3 किलोमीटर तो न्यूनतम दूरी होती है
अब इतना पैदल कौन चले ??

आधे लोग ज्ञापन और पैदल चलने का सुन के बहाना मार निकल लेते हैं रैल्ली से  बाकी आधे लोगों को जबरदस्ती ले जाया जाता है तो वो सबसे पीछे चलते हैं और मौका देख के गायब हो जाते हैं रैल्ली से

ब्लॉक अध्यक्ष जब कलेक्ट्रेट/एसडीएम ऑफिस पहुंच के पीछे मुड़ के देखता है तो आदमी दिखते हैं 10-15 जबकि वो साथ ले के चला होता है 30 से 50 कार्यकर्ता

फिर एसडीएम को ज्ञापन देते हुए फोटोशूट होता है स्थानीय पत्रकार न्यूज़ छापते हैं

फिर तहसील कलेक्ट्रेट के सामने होटल में बैठ के दुबारा चाय कचौड़ी का ऑर्डर दिया जाता है …. महिला सम्मान पर विमर्श होता है …. फ़लाणे की छोरी उसके साथ भाग गयी

अलाणे की छोरी का टांका उसके छोरे के साथ है …. बूढ़े-बूढ़े नेता कार्यकर्ता शर्म-हैय्या त्याग कर टाबरों के सामने मजे ले के रंगीन वाली हताई (वार्तालाप) करते हैं ….
घर आओ 2:00 बजते हैं ….
आते ही लुगाइयाँ 4 बात और सुनाती है …. कठै गया हा ?? …. म्हे घरे रोटयां नै उड़िकां …. (कहाँ गए थे ?? …. हम भोजन पर आपका इंतजार)

गलती से लुगाइयों को बता दो रैल्ली में गए थे तो 4 गाळ अलग से काढ़ती है …. जाओ वहीं जा के जीम लो घर किसलिए आये हो ?? …. रैल्ली वालों ने रोटी नहीं डाली क्या ??

वसुंधरा  ने लास्ट 30 दिन में राजस्थान सरकार के विरुद्ध मात्र 2 ट्वीट किए हैं वो भी बिना नाम लिए मामूली से ट्वीट ….

आज के हल्ला बोल कार्यक्रम का वसुंधरा जी ने कोई ट्वीट नहीं किया है ना वो उतरेगी सड़कों पर
यह भैरोंसिंह-जी हरिशंकर-जी ललितकिशोर-जी देवीसिंह-जी जसवंतसिंह-जी गिरधारीलाल-जी वाली भाजपा नहीं है जिनको देख के हम बचपन से इस पार्टी से जुड़े थे
यह मोदी शाह नड्डा वसुंधरा राठौड़ कटारिया पूनिया वाली भाजपा है
जो
ट्वीटर फेसबुक में घुस के विपक्ष को पटक-पटक के घेरती भी है और उठा-उठा के मारती भी है!! ….

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