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Showing posts from October, 2020

जब महान प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री ने पाकिस्तानी पत्रकार को जवाब देकर कर दी उसकी बोलती बंद

  हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की हाइट 5″4 थी एक अधिवेशन में एक वार पाक के फौजी राष्ट्राध्यक्ष जनरल अयूब से उनकी मुलाकात होनी थी बीबीसी के संवाददाता मार्क टल्ली ने जनरल अयूब से पूछा आप शास्त्री जी से कैसे बात करेंगे ?? इस पर घमण्ड में चूर जनरल अयूब ने संवाददाता मार्क से कहा …. अरे वो (शास्त्री जी) हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री हमसे क्या बात करेगा इतना छोटा सा तो है बीबीसी के उसी संवाददाता मार्क टल्ली ने नई दिल्ली (भारत) में नॉर्थ ब्लॉक में शास्त्री जी से भी बात की थी और कहा था साब आप जनरल अयूब से कैसे बात करेंगे उनकी हाइट तो 6″2 है और वो कह रहे हैं शास्त्री जी छोटे से तो हैं मुझसे क्या बात करेंगे …. शास्त्री जी ने बीबीसी संवाददाता मार्क से कहा हाँ हम मिलेंगे जनरल अयूब से लेकिन उस वक़्त उनसे हमारी नहीं भारत की बात पाकिस्तान से हो रही होगी हम छोटे है हम सर उठा के बात करेंगे जनरल अयूब लम्बे हैं वो हमसे सर झुका के बात करेंगे …. यूं ही नहीं बन जाता कोई छोटे कद का बड़ा नेता!! ….

बाल विवाह पर बने कानून और अदालतों का बेहूदीभरा रवैया

  करीब 100 साल पहले की बात है। गांधीजी ने कांग्रेस के अधिवेशन में भाषण देते हुए कहा था कि एक राष्ट्र में एक ही राष्ट्रभाषा होनी चाहिए। और यह भाषा हिन्दी हो सकती है। तब राष्ट्रवाद की भावना इतनी प्रबल थी कि लोग-बाग जोश में भर कर हिन्दी सीखने-सिखाने निकल पड़े। नतीजा ये हुआ कि अगले अधिवेशन में दक्षिण भारतीय लोग भी शुद्ध हिन्दी में भाषण देते पाये गए। हिन्दी बोलने में सक्षम हो गए। पर लगभग 30 साल बाद जब उसी कांग्रेस सरकार के द्वारा जब दक्षिण में हिन्दी थोपने की कोशिश की गई हिंसा, तोड़फोड़, विरोध शुरू हो गया। लोगों ने जम कर हिन्दीविरोध करना शुरू कर दिया। जिस कांग्रेस के आह्वान पर लोगों ने हिन्दी को सिरमाथे बिठाया गया था, आज उसी कांग्रेस की करनी के कारण दक्षिण भारत मे हिन्दी विरोधी बेल्ट तैयार हो गया है। और यह स्थिति पिछले 70 साल में भी नहीं सुधर पाई है। ऐसे ही माननीय न्यायालय जी जब बाल विवाह की बात करते हैं तो बाल विवाह कानूनी तौर पर मना करते हैं। पर साथ ही ये कह देते हैं कि 18 साल की लड़की यदि दो साल के अंदर-अंदर शादी रद्दीकरण के लिए आगे नहीं आती तो शादी जायज मानी जाएगी। ये कैसी अजीब बात है। जो न

तो क्या भाजपा अपने ही कार्यकर्ताओ और वोटर्स के मरने तक इन्तजार करती है

  वसुंधरा  झालावाड़ से भाजपा की वर्तमान में विधायक है राजस्थान की सबसे बड़ी भाजपा नेत्री है वसुंधरा …. आप 4-5 वार झालावाड़ से सांसद रही है व 4-5 वार से लगातार झालावाड़ से विधायक है …. 2 वार देश के सबसे बड़े सूबे राजस्थान की पूर्ण बहुमत से वसुंधरा जी मुख्यमंत्री रही है एवं तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का दावा भी ठोक रही है …. आप राजस्थान भाजपा की पूर्व में प्रदेशाध्यक्ष भी रही है …. वसुंधरा जी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है …. वर्तमान में झालावाड़ के सांसद भी वसुंधरा जी के सुपुत्र दुष्यंत है जो कि चौथी पांचवी वार लगातार यहां से सांसद है …. हमारे देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला जी कोटा से सांसद है भाजपा के …. राजस्थान के इस क्षेत्र अथवा अंचल को हाड़ौती क्षेत्र संभाग या अंचल कहते हैं (संभागीय मुख्यालय कोटा ही है) …. इस अंचल की सारी लोकसभा सीटों पर भाजपा के ही सांसद है …. इस अंचल की बहुत सी विधानसभा सीटों पर भी भाजपा के विधायक ही निर्वाचित है …. बारां में एक लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है …. सबका मानना है यहां पीड़िता को न्याय नहीं मिल रहा है सरकार शाशन प्रशासन पुलिस पीड़िता क

विवाहों में गहने खरीदने और और तनिष्क का उसकी आड़ में परम्पराओ का शोषण करना कितना सही है !

  हमारे यहाँ विवाह संबंधों की बात होती है तो सबसे पहले स्त्रीधन या गहनों की बात होती है| मंडप पर नववधू को कितने गहने चढ़ेंगे यह मंडप की शोभा होती है| श्वसुर जी यह स्त्रीधन सम्पूर्ण कुटुंब के सामने नववधू को आशीर्वाद स्वरूप देते हैं| फिर भैंसुर यानि जेठ घूंघट डालते हुए गहने देता है| उसके बाद परिवार के सभी बड़े वधु को मुँहदिखाई में गहने देते हैं| निर्धन से निर्धन परिवार भी विवाह के समय नए जोड़ों को सामर्थ्य से ज्यादा ही आभूषण जुटा देता है| फिर सामर्थ्यवान परिवार जो आजकल तीन दिन के ब्याह-समारोह के लिए एक अदद इवेंट मैनेजर और फोटोग्राफर को लाखों पे करते हैं उनके बजट में भी गहनों का स्थान सबसे ऊपर रहता है| पारम्परिक विरासत में मिले गहने हों या सासु माँ के कँगन| दादी सास की मटरमाला हो नानी सास के अंगूठे| बहु ये मेरी सास ने मुझे पहनाया था से लेकर हीरा है सदा के लिए| शगुन की मछली, पान-सुपारी, विवाह प्रतीक के रूप में माँगटीका हो , नथ हो, ढोलना हो, पटवासी हो या कि प्रथम मिलन की रात्रि का उपहार! फिर जीवन भर तीज, जितिया, करवाचौथ, धनतेरस पर गहने| सोने का जितिया, बिछुआ, पायल, मंगलसूत्र, सिक्के, सोने-चाँद

महाभारत की द्रौपदी आम तौर पर असहाय सी “मान ली” जाती है क्यों ? जानिये सारा रहस्य

  महाभारत की द्रौपदी आम तौर पर असहाय सी “मान ली” जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोग अपने समय और परिवेश के हिसाब से पूर्वाग्रहों से ग्रस्त होकर ही व्याख्या करने बैठते हैं। हाल ही में एक बार जब विख्यात लेखक नरेन्द्र कोहली से श्री राम के विषय में कोई प्रश्न पूछा जाने लगा तो उन्होंने बीच में ही टोककर कहा, ठहरो पहले ये बताओ कि किसके राम? वाल्मीकि के राम अलग है और तुलसी के राम अलग। द्रौपदी को असहाय मानने के पीछे एक बड़ी वजह “गुनाहों के देवता” को कहा जा सकता है। अपने एक नाटक में इस उपन्यास के लेखक ने द्रौपदी के पात्र से “अंधे का पुत्र अँधा” कहलवाया। उनका ये “अँधा युग” नाटक 1954 में भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर लिखा गया था। प्रयागराज ( तब इलाहबाद) रेडियो स्टेशन से इसके प्रसारण के बाद इसे वाम मजहब के लोगों ने “युद्ध विरोधी” क्रन्तिकारी नाटक बताया और 1962 से तो सत्यदेव दूबे और इब्राहीम अल्काजी जैसे रंगमंच से जुड़े लोगों ने इसका मंचन भी शुरू कर दिया था। सन 1963 में खुद नेहरु इसका मंचन देखने पहुंचे। इस नाटक के मंचन के लिए फिरोजशाह कोटला और पुराना किला जैसी जगहें चुनी जाती थी। इतिहास से जोड़ देने के

सुब्रह्म्नाय्म स्वामी से भिड़ना कैसे गांधी परिवार को महंगा पडा – पढ़िए पूरी कहानी

  डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने एक घण्टे पहले 3 लेटर पोस्ट किए हैं पहला लेटर लोकसभा सचिवालय का है जिसमें बताया गया है सोनिया गांधी के बायो में उनकी डिग्री कैम्ब्रिज की लिखी है 1965 की शायद बाकी 2 लेटर में स्वामी जी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला जी से लिखते हैं यह सही जानकारी नहीं है इससे सही करो मैं पहले भी इसपे पत्र लिख चुका हूँ और मेरे सूत्र बताते हैं यह गलत जानकारी है नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया राहुल को कोर्ट तक स्वामी जी ने घसीटा था और आज माँ बेटे जमानत पर है …. इसमें भाजपा मोदी शाह आरएसएस का कोई मास्टरस्ट्रोक या कूटनीति नहीं है राम-सेत्तु पर न्यायालय से स्टे स्वामी जी ही लाये थे आपातकाल का स्वामी जी का इतिहास रोचक है एवं उसके बाद का भी रोचक है स्वामी जो कहते हैं डंके की चोट पर सीना ठोक के कहते हैं नाम ले के बाकायदा गांधी परिवार का और आज तक गांधी परिवार एवं किसी कांग्रेसी की हिम्मत नहीं हुई जो स्वामी के विरुद्ध मानहानि का दावा ठोक दे स्वामी को राजीव संजय सोनिया राहुल प्रियंका रॉबर्ट की डिग्रियां तक मालूम है असली है या नकली है …. इनके विदेशों के गुप्त बैंक खाते एवं भारत तथा विदेशी सम्पत्ति

पढिये अर्नब के इंटरव्यू की वो कहानी जब ISI ने इंटरव्यू को बीच में ही रुकवा दिया था

  फरवरी 2007 में पाकिस्तान का विदेशमंत्री खुर्शीद कसूरी भारत दौरे पर आया था. उसने देश के सभी प्रमुख न्यूजचैनलों, विशेषकर अंग्रेज़ी न्यूजचैनलों को इंटरव्यू दिया था और पाकिस्तानी एजेंडे का जमकर प्रचार किया था. लेकिन एक इंटरव्यू ऐसा भी हुआ था जिसमें गर्मागर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गयी थी और नौबत हाथापाई की आ गयी थी. 22 फ़रवरी 2007 को खुर्शीद कसूरी का वो इंटरव्यू अरनब गोस्वामी ने लिया था. उस समय सभी लुटियनिया न्यूजचैनलों के साथ खुर्शीद कसूरी के इंटरव्यू बहुत मीठे मीठे सवालों के साथ बहुत सुखद और शांतिपूर्ण माहौल में हंसी खुशी संपन्न हो गए थे. लेकिन अरनब गोस्वामी को दिए गए इंटरव्यू में मौसम पूरी तरह बदल गया था. खुर्शीद कसूरी से अरनब गोस्वामी ने लुटियनिया दलालों की भांति मीठे मीठे सवाल नहीं पूछे थे. इसके बजाय तथ्यों तर्कों से लैस होकर अरनब गोस्वामी ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट से सम्बंधित अपने सुलगते हुए सवालों की भारी बमबारी खुर्शीद कसूरी पर करते हुए इंटरव्यू की शुरुआत की थी. उन सवालों से पहले तो खुर्शीदवा बुरी तरह तिलमिला गया था. उसके बाद ISI के वो अफसर अरनब गोस्

यूपी पुलिस के अजब गजब कारनामो की दास्तान,जिन्हें पुलिस ने मृत मान लिया वो ज़िंदा होकर आ गये

  हाथरस पुलिस ने एक बयान जारी किया है  लिखते हैं लड़की की रीढ़ की हड्डी टूटी नहीं है बल्कि गला दबाने के कारण ठीक काम नहीं कर रही थी …. मेडिकल रिपोर्ट में लड़की की आंख फूटने या जीभ काटने का नहीं लिखा है बल्कि गला दबाते वक़्त लड़की की जीभ बाहर निकली और दांतों से कट गयी …. सोशल-मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही होगी (हाथरस घटना पर यह मेरी दूसरी पोस्ट है और मैं अपनी दोनों पोस्ट नहीं हटाऊंगा …. हाथरस पुलिस मुझपे कार्यवाही के लिए स्वतंत्र है) …. अब कुछ रोचक तथ्य देखिये नेशनल क्राइम ब्यूरो के ताजा आंकड़े कहते हैं उत्तरप्रदेश में अपराध व उसमें भी महिलाओं के विरुद्ध अपराध बहुत ज्यादा बढ़ गया है …. कमलेश तिवारी की हत्या हुई तो उत्तरप्रदेश के गृह-सचिव व आला पुलिस अधिकारियों ने इसे आपसी रंजिश का मामला कह के पल्ला झाड़ लिया भला हो गुजरात एटीएस का जिसने मुस्लिम आरोपियों को पकड़ के पूरे मामले का खुलासा किया 2 माह पहले गोरखपुर बरेली में तो वो मृतक वापस घर लौट आये हैं जिनको उत्तरप्रदेश पुलिस ने मृत बता के जांच ही बन्द कर दी …. बरेली जनपद की एक लड़की को उत्तरप्रदेश पुलिस ने मृत बताया था 2 माह प

तो क्या देश में सवर्ण कहने वाली जातियों की पहचान संकट में है ? क्या अब दलितों से उनको खतरा है ?

  डूंगरपुर में अभी हाल ही में शिक्षक भर्ती को लेकर हुए उपद्रव के दौरान का बताते हैं । जो कि सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित है। दोस्तों वीडियो को देखकर बहुत समय पहले का एक वाकया याद आ गया है। मैं जयपुर के पास में ही कही एसएचओ के पद पर पदस्थापित था। तब वहां पर जयपुर के एक नामी-गिरामी डॉक्टर साहब की पुश्तैनी जमीन पर बांटे में खेती करने वाले लोगों ने ही काफी समय पहले से कब्जा जमा लिया था। डॉक्टर साहब बड़े दुखी थे, बड़े सिफारिश भी थे, परंतु पार पड़ नहीं रही थी । तब मैंने उनको कहा कि डॉक्टर साहब राजस्थान में कहावत है कि “जर-जमीन जोर की, जोर मिटे ओर की” तो आप जब तक मौके पर आकर खुद संघर्ष नहीं करोगे, तब तक जमीन को वापस हासिल करने की बात को भूल जाओ। डॉक्टर साहब ने मेरी राय मानी और धीरे-धीरे अपनी पुश्तैनी जमीन को कब्जाधारी भूमाफिया से कानूनन तरीके से छुड़वाया। उस दौरान डॉक्टर साहब एक बात बताते थे कि, साहब मुझे इस देश में जनरल कास्ट का भविष्य नजर आ रहा है। कुछ सालों बाद सड़कों पर एक भीड़ निकलेगी और वह कहेगी कि हम हैं “मूल भारतीय” और यह जो सवर्ण जाति के लोग हैं, यह विदेशी हैं । यह नारा देते हुए भीड़

पढिये किसान की मेहनत – नागौर के किसान ने फूलो की खेती करके कमाए करोड़ों रुपये

  नागौर के देशवाल गांव के गणेशाराम प्रजापति …. 16 वर्ष पहले आप गोआ घूमने गए थे और वहां की हरियाली देख के आपके मन मे कुछ अलग हट के करने का विचार आया …. आपके हिस्से 85 बीघा पैतृक कृषि योग्य ज़मीन आयी है जिसमें से 80 बीघा में आप खरीफ सीजन की खेती एवं शेष 5 बीघा में हिबिसकस सबदरिफा जैसी आयुर्वेदिक औषधीय गुणों वाली पौध लगाते हैं …. आप अपनी मासिक आय का 20% हिस्सा औषधीय पौध पर खर्च करते हैं …. आपने अब तक विगत 16 वर्षों में 2 लाख आयुर्वेदिक औषधीय पौध लगाई है …. आजकल आप किसानों को जैविक खेती के अभियान की और अग्रसर करने का कार्य कर रहे हैं …. कृषि एवं पर्यावरण के क्षेत्र में आपके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए अमेरिका में हुए पर्यावरण सेमिनार में आपको 2 वार आमंत्रित किया गया है …. आप पर्यावरण में रुचि दिखाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी पौधे उपलब्ध करवाते हैं …. आपने राजस्थान स्टेट ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी के जरिये अपनी 80 बीघा जमीन का सर्टिफिकेट ऑर्गेनिक खेती के लिए बनवाया है …. आपका मानना है ऑर्गेनिक खेती में उपज भले थोड़ी कम हो किन्तु फसलों/अन्न की गुणवत्ता शानदार होती है …. आपके

जब पाकिस्तानी मीडिया भगत सिंह को याद कर रहा था तब भारत का मीडिया चटपटी खबरों से TRP ले रहा था

  आज हुतात्मा भगतसिंह जी की जन्मजयंती है …. भगतसिंह का जन्मस्थान वर्तमान पाकिस्तान वाले पंजाब में है …. पाकिस्तान की मीडिया आज भगतसिंह पर कवरेज कर रहा है उनका गांव घर दिखा रहा है व अपनी सरकार से मांग कर रहा है कि उनके गांव घर को विकसित किया जाए राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए …. और भारत में ?? …. मैं तो टीवी देखता नहीं लेकिन मुझे यकीन है भारत के न्यूज़ चैनल रिया कंगना सुशांत दीपिका सारा ड्रग्स में ही उलझे होंगे …. बतौर एक राष्ट्र आज पाकिस्तान क्या है ?? …. पूरे विश्व का कर्जदार है …. अंतर्राष्ट्रीय ऋणों के बोझ के तले दबा कुचला एक गरीब मुल्क है …. वो मुल्क जो कर्ज ले के भी अपने नागरिकों को सड़क बिजली पानी शिक्षा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं देने के बजाय ऋणों की राशि को आतंक सेना बम्ब गोला बारूद हथियारों पर खर्च करता है …. वो मुल्क जो दुनियां के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा-बिन-लादेन सहित विश्व के हर आतंकी सरगना व संगठनों को अपने यहां प्रश्रय देता है …. वो मुल्क जिसके तार हर अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घटना से जुड़े होते हैं …. वह मुल्क जिसकी सरजमीं आतंकी कैंपो शिविरों प्रशिक्षणों के लिए इस्तेमाल होती

वसुंधरा और गहलोत हुए एक – एक दुसरे का विरोध नही करते ताकि कोई तीसरा सीएम न बन जाए

  राजस्थान में विपक्ष सरकार के विरुद्ध हल्ला कैसे बोलता है समझिये शहरी ग्रामीण ब्लॉक जिला अध्यक्ष अपने फेसबुक एकाउंट पेज व व्हाट्सएप्प ग्रुप पर संदेश भेज देंगे कि कल 10:00 बजे पार्टी कार्यालय या फलानी जगह सब आ जाना 10-5 प्रमुख लोगों को फोन कर देते हैं कि सबको सूचित कर देना और आप भी आ जाना सुबह 10:00 बजे पार्टी कार्यालय नेता कार्यकर्ता इकट्ठा होना शुरू होते हैं . बमुश्किल 50 से 100 नेता कार्यकर्ता या 150 …. अभी चौमासा है लोग खेतों में लगे है लावणी का टेम है तो 50 लोग इकट्ठा हो जाये वो रैल्ली सफल मानी जाती है फिर सबको फोन करेंगे अरे कहाँ हो आओ ??  आधों के फोन बंद रहेंगेआधे शादी ब्याह भात मायरा मोखाण (शोक) का बहाना मारेंगे …. कुछ कहेंगे रास्ते में हूँ आ रहा हूँ फिर रजिस्टर में एंट्री करेंगे आज फलां तारीख को प्रदेशाध्यक्ष फ़लाण-चन्द्र जी के आह्वान पर राजस्थान सरकार के विरुद्ध रैल्ली का आयोजन किया  फिर रजिस्टर में सबके साइन होंगे कार्यालय के सामने चाय कचौड़ी वाले को ऑर्डर दिया जाएगा पार्टी फ़ंड से 11:30 बजे रैल्ली शुरू होगी  बसअड्डे सब्जीमण्डी बाजार कहीं भी गहलोत/वसुंधरा सरकार मुर्दाबाद के नार

क्यूँ घटनाओं का सोशल मीडिया ट्रायल पुलिस फ़ोर्स को मनमानी करने की छूट देता है

  हैदराबाद में एक युवा महिला डॉक्टर को बलात्कार के बाद ज़िंदा जला दिया गया तेलंगाना पुलिस आरोपियों को अरेस्ट करती है क्राइम सीन री-क्रिएट करते वक़्त आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जाते हैं मन्ने आरोपियों का एनकाउंटर हुआ था और कैसा एनकाउंटर हुआ था यह समझना रॉकेट साइंस नहीं है/था देश उस समय उद्धवेलित था देशवासियों की भावनाओं का ज्वार चरम पर था और सब तेलंगाना पुलिस की जय-जय कर रहे थे तेलंगाना पुलिस की जय-जय करने वाली भीड़ में मैं भी शामिल था लेकिन मेरे मन में एक भय था जो मैं उस वक़्त लिखना चाहता था परन्तु नहीं लिख पाया आज लिख रहा हूँ क्या वाकई वो ही 4 लड़के उस लेडी डॉक्टर की हत्या बलात्कार के दोषी थे ?? पुलिस का कहना था घटनास्थल के पास लड़कों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस हुई है …. कल को मैं और आप रात बेरात वक़्त बेवक़्त कहीं से गुजर रहे हो और वहां कोई वारदात घटित हुई हो फिर मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस हमको टपका दे तो ?? …. पुलिस का कहना है पेट्रोलपंप की सीसीटीवी फुटेज में वारदात से पहले लड़के पेट्रोल ले रहे थे लेकिन न्यायालय में कोई भी तेजतर्रार अधिवक्ता पुलिस के इस दावे को धराशायी कर सकता था/है …. ह

कैसे मोदी ने SC/ST एक्ट में फेरबदल कर सुप्रीम कोर्ट का ही फैसला बदल दिया

  राजीव गांधी सिर्फ कम्प्यूटर ही नहीं लाये थे बल्कि और भी बहुत कुछ लाये थे  राजीव गांधी एट्रोसिटी (एससी/एसटी) एक्ट भी लाये थे और इस एक्ट में संज्ञेय अपराधों की संख्या उन्होंने रखी थी कुल 22 फिर दलितों को सामाजिक सुरक्षा देने वाले इस एक्ट का दुरुपयोग होने लगा इस एक्ट के रुझान आने शुरू हुए . लोग खेतों की मेड़ और रास्ते से ले के चुनावी और निजी खुन्नस आपस मे इस एक्ट के माध्यम से निकालने लगे सवर्ण बनाम सवर्ण …. सवर्ण बनाम ओबीसी …. ओबीसी बनाम ओबीसी …. इन वर्ग के झगड़ों में भी लोग अपने परिचित एससी/एसटी जाति वाले के माध्यम से सामने वाली पार्टी पर फर्जी मुकदमे करवा के निजी खुन्नस निकालने लगे 3 साल पहले माननीय सुप्रीम-कोर्ट ने कहा कि हमारे पास एट्रोसिटी एक्ट के आने वाले मुकदमे 90% फ़र्ज़ी पाये जाते हैं इसलिए पुलिस ऐसे मामलों में तत्काल आरोपितों की गिरफ्तारी ना कर के पहले मामले की विस्तृत छानबीन करे लेकिन  देश की बागडोर 3 साल पहले और आज भी दलितों के मसीहा दलितेन्द्र जी के हाथों में थी दलितों के मसीहा दलितेन्द्र जी ने सदन में ऑर्डिनेंस ला के माननीय सुप्रीम-कोर्ट के इस फैसले को ना सिर्फ बदला बल्कि संज्