Skip to main content

कहानी के माध्यम से जानिये - जहाँ न्याय नहीं होता वहां क्यूँ नहीं रहना चाहिए

 

हरिद्वार में गंगा जी के किनारे रमणीक वातावरण में हंस हंसिनी का जोड़ा रहता था
हंस अपनी बुलेट पर रोज़ हंसिनी को लॉन्ग ड्राइव पे ले जाया करता था

एक दिन हंसिनी ने हंस से कहा  ए जी कुछ दूर घुमा लाओ मुझे जहाँ कुछ डिफरेंट देखने लायक हो
अगले दिन हंस हंसिनी को बुलेट पर बैठा के दूर घुमाने ले गया तो रास्ता भटक के हमारे राजस्थान आ गया ….
दूर-दूर तक रेतीला रेगिस्तान और बालू रेत के धोरे

हंसिनी ने फिर हंस से कहा  ये हम कहाँ आ गए प्राणनाथ ??  यहाँ सैंकड़ो किलोमीटर तक जहाँ तक नजर जाये रेत ही रेत है, ना कोई समुद्र ना नदी नाला तालाब जलाशय सरोवर और नहर …. ना कोई पेड़ पौधे हरियाली …. हमारा यहाँ जीवनयापन कैसे होगा ?? ….
हंस ने कहा रात बहुत हो गयी गया हम रास्ता भी भटक चुके हैं …. आज रात्रि हम यहीं विश्राम करते हैं और सवेरे रास्ता ढूंढ के वापस हरिद्वार चलेंगे

एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे हंस हंसिनी आलिंगनबद्ध हो कर सो गए
खेजड़ी पर बैठा उल्लू रात ढ़लते ही जोर-जोर से कर्कश ध्वनि में बोलने लगा
हंसिनी ने कहा देखो ये कितना तेज और कर्कश चिल्ला रहा है

हंस ने कहा मैं अब समझा यहाँ इतने तेज कर्कश ध्वनि वाले उल्लू रहते हैं इसलिए यहाँ लोग नहीं रहते आबादी कम है यहाँ की

सवेरे हंस हंसिनी नींद से जग के पेस्ट पॉटी वगैरह कर के बुलेट पर वापस हरिद्वार जाने लगे तभी उल्लू ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाया ….
देखो-देखो हंस मेरी पत्नी को भगा के ले जा रहा

उल्लू की चिल्लाहट सुन के आसपास से भीड़ उमड़ी और मामला गंभीर जान के पंच प्रधान भी आये ….
मामला अब पंचायत में था

पंच परमेश्वरों ने आपस मे कानाफूसी की …. देखो जानते तो है हम कि हंसिनी हंस की ही पत्नी है …. लेकिन हंस तो आज है यहाँ अभी वापस चला जायेगा

हमें तो इस उल्लू के साथ ही रहना है …. समुद्र में रह के मगरमच्छ से कौन बैर ले ….

पंचों ने फैसला उल्लू के हक़ में सुना दिया
हंस बहुत तेज रोने लगा और अंत में हताश निराश हंस हंसिनी को उल्लू के पास छोड़ के अकेला हरिद्वार जाने लगा
तभी उल्लू ने हंस को पीछे से आवाज़ लगायी

रुको मित्र ….
यह पत्नी तो तुम्हारी ही है और तुम्हारी ही रहेगी …. मेरे लिए तो ये बहन बेटी के सम्मान ही है …. रात तुमने कहा था यहाँ कर्कश उल्लू चिल्लाते हैं इसलिए यहाँ लोग नहीं रहते हैं ….
नहीं-नहीं ऐसा नहीं है ….
यहाँ लोग इसलिए नहीं रहते है कि यहाँ के पंच-परमेश्वर नेता पुलिस प्रशासन जनता न्यायप्रिय नहीं है …. जिधर बहुमत ताकत शक्ति देखते हैं उसी के पक्ष में फैसला सुना देते हैं ….
इसलिए यहाँ लोग नहीं रहते हैं …. (मुर्दे रहते हैं) ….

Comments

Popular posts from this blog

दिल्‍ली : मेट्रो पकड़ने की हड़बड़ी में कर बैठा बड़ी भूल - गलती मानने पर मिले दो लाख रुपये

  CISF  के जवानो ने  ईमानदारी और सूझबूझ के साथ अपनी ड्यूटी निभाई इस ईमानदारी  का पता तो तब चला जब शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन पर यात्रीयो कि भीड़भाड़ में एक यात्री अपना दो लाख रुपये से भरा बैग स्टेशन पर ही भूल गया। अकेले बैग को देखकर वन तैनात CISF के जवानों ने उस लावारिस बैग को सुरक्षित रखवा दिया । उस बैग कि जांच कि गयी उसमे कुछ भी गलत चीज नहीं मिलने पर ही बैग को खोला गया तो उससे रुपये बरामद हुए। उसे सुरक्षित रखवा दिया गया और यात्री के आने पर रुपये उन्हें सौप दिए गए। रुपये सुरक्षित मिलने पर यात्री ने जवानों की सतर्कता और ईमानदारी की सराहना की। CISF के वरिष्ठ अधिकारी ने अपने बयान में बताया कि यह घटना दस फरवरी की रात करीब साढ़े आठ बजे घटित हुई । शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन पर तैनात सीआइएसएफ के जवानों ने बैगेज जांच मशीन के समीप एक लावारिस बैग पड़ा देखा था। जिसके बाद उन्होने बैग के संबंध में सभी यात्रियों से पूछताछ की , लेकिन किसी ने भी बैग को नहीं अपनाया । इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से बैग की तलाशी ली गई। इसमें बैग में कोई खतरनाक चीज नहीं मिली।  जब पुलिस  ने उस बैग कि जाँच की तो , तलाशी ल

ये लोग बिलकुल न लगवाएं कोवैक्सीन - भारत बायोटेक ने लोगों को चेताया

  कोरोना से निजात पाने के लिए देशभर में टीकाकरण का काम लगातार जोर -शोर से चल रहा है. इसी बीच भारत बायोटेक ने फैक्टशीट में कहा है कि इस टीकाकरण को किस बीमारी वाले लोगों को नहीं लगवानी चाहिए. यदि किसी भी बीमारी के कारण  से आपकी इम्युनिटी कमजोर है या आप कुछ ऐसी दवाएं ले रहे हैं, जिससे आपकी इम्युनिटी प्रभावित होती है तो आपको कोवैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए भारत बायोटेक ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है। इससे पहले केंद्र सरकार ने कहा था कि अगर आप इम्युनोडेफिशिएंसी से ग्रस्त हैं या इम्युनिटी सप्रैशन  (Immunity Suppression) पर हैं, यानी आप किसी अन्य ट्रीटमेंट के लिए इम्युनिटी कम कर रहे हैं तो कोरोना वैक्सीन ले सकते हैं. लेकिन अब भारत बायोटेक ने अपने बयान में ऐसे लोगों को कोवैक्सीन न लगवाने की सलाह दी है। भारत बायोटेक के मुताबिक- ये लोग भी कोवैक्सीन न लगवाएं। जिन्हें एलर्जी की शिकायत रही है । बुखार होने पर न लगवाएं । जो लोग ब्लीडिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं या खून पतला करने की दवाई ले रहे हैं । गर्भवती महिलाएं, या जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं । इसके अलावा भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मामलों में नहीं लगवानी

किसानो का पुलिस को साफ़ जवाब - हर हाल में दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे

  किसान आंदोलन जो हो रहा है उसका आज 57वां दिन है. सरकार ने किसान आंदोलन कर रहे किसानो की कुछ मांगों को माना लेकिन नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब के साथ -साथ  कई राज्यों के किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. किसानों का कहना है की वो 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालेगें इस बात का किसानो ने खुलेआम ऐलान किया है. इसी मुद्दे पर किसान संगठनों और दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच आज बैठक हुई. बैठक में किसानों ने साफ किया है कि वो हर हाल में दिल्ली के आउटर रिंग रोड में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। दिल्ली पुलिस ने भी कहा है कि वो गणतंत्र दिवस के मौके पर आउटर रिंग रोड में ट्रैक्टर रैली की इजाजत नहीं दे सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने किसानो को एक सुझाव दिया है कि किसान KMP हाईवे पर अपना ट्रैक्टर मार्च निकालें. गणतंत्र दिवस को देखते हुए ट्रैक्टर मार्च को सुरक्षा देने में कठिनाई हो सकती है । माना जा रहा है कि नए कृषि कानूनों पर हो रहे विवादों को दूर करने के लिए बुधवार को हुई 10वें दौर की बैठक में केंद्र सरकार ने थोड़ी नरमी दिखाई और कानूनों को 1.5 साल के लिए निलंबित