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Showing posts from September, 2020

राजस्थान के दिग्गज नेता जसवंत सिंह के बारे में जानिये रोचक बातें

  जसोल जन्मयो जसवंत, दिल्ली पाड़ी धाक। मालाणी थारी किस्मत रूठी,रतन रयो नी आज।। वर्ष 2014 में कद्दावर भाजपा नेता जसवंतसिंह जी ने अपना अंतिम लोकसभा चुनाव नामांकन भरा था …. बाड़मेर जैसलमेर संयुक्त लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में …. इस नामांकन फार्म में जसवंतसिंह जी ने अपनी सम्पति में 3 अरबी घोड़े …. 13 बंदूक …. 51 गायें एवं 7 करोड़ की चल अचल पैतृक तथा स्वयं द्वारा अर्जित सम्पति दिखाई थी …. 2 अरबी घोड़े जसवंतसिंह जी को सऊदी के युवराज से गिफ्ट में मिले थे …. जोधपुर में जसवंतसिंह जी के फॉर्म-हाउस में देशी नस्ल की गायों एवं देशी नस्ल के सांडों का संवर्द्धन एवं संरक्षण किया जाता है …. जसवंतसिंह जी का जन्म राजस्थान के पाक सीमावर्ती बाड़मेर जिले के जसोल कस्बे में हुआ था …. यह राजस्थान का मारवाड़ अंचल है एवं इस क्षेत्र को मारवाड़ अंचल का मालाणी क्षेत्र कहा जाता है ….   जसोल कस्बा मां भटियाणी के मंदिर एवं समाधिस्थल के कारण विश्वविख्यात है …. जसवंतसिंह जी का जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था …. आपने अजमेर के मेयो कॉलेज एवं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला से शिक्षा ग्रहण की थी …. आप 1960 के दशक

जानिए कैसे एक फेसबुकिये ने नेताओ की चमचागिरी करने वालो पर वायरल पोस्ट लिखी

  आज दाता हुकुम जसवंतसिंह जी नहीं रहे …. कल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का जन्मदिन था …. देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने पूर्ववर्ती शासक मनमोहन जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थी …. मेरी टाइम-लाइन भी गुलजार थी आबाद दी …. हर दूसरी तीसरी पोस्ट मुझे मेरी टाइम-लाइन पर मनमोहन जी से जुड़ी हुई दिख रही थी …. कोई उनको अंतर्राष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस के नाम पर ट्रोल कर रहा था तो कोई वास्तव में उनको जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे थे …. कुछ मित्र (अब अमित्र) अपने खानदानी संस्कारों का प्रदर्शन करते हुए 87 वर्षीय वयोवृद्ध मनमोहन जी की मां बहन बेटी को याद कर रहे थे क्योंकि शायद इनके खानदान में इनको मां बाप से यही शिक्षा मिलती है …. जबकि मोदी जी पर कुछ लिखो तो ये प्रजाति प्रधानमंत्री पद की गरिमा की दुहाई देती हैं …. शाम होते-होते बहुत लंबी पोस्ट्स के माध्यम से मैंने भी मनमोहन जी को बर्थ-डे विश किया था …. यह संयोग नहीं बाकायदा प्रयोग था …. अनाड़ी फेसबुकिया नहीं हूं मैं …. नौसिखिया फेसबुकिया नहीं हूं मैं …. मैंने अपने निजी एवं सार्वजनिक जीवन में कभी मनमोहन जी को शुभकामनाएं नहीं दी सिवाय कल के …. उसकी

कहानी के माध्यम से जानिये - जहाँ न्याय नहीं होता वहां क्यूँ नहीं रहना चाहिए

  हरिद्वार में गंगा जी के किनारे रमणीक वातावरण में हंस हंसिनी का जोड़ा रहता था हंस अपनी बुलेट पर रोज़ हंसिनी को लॉन्ग ड्राइव पे ले जाया करता था एक दिन हंसिनी ने हंस से कहा  ए जी कुछ दूर घुमा लाओ मुझे जहाँ कुछ डिफरेंट देखने लायक हो अगले दिन हंस हंसिनी को बुलेट पर बैठा के दूर घुमाने ले गया तो रास्ता भटक के हमारे राजस्थान आ गया …. दूर-दूर तक रेतीला रेगिस्तान और बालू रेत के धोरे हंसिनी ने फिर हंस से कहा  ये हम कहाँ आ गए प्राणनाथ ??  यहाँ सैंकड़ो किलोमीटर तक जहाँ तक नजर जाये रेत ही रेत है, ना कोई समुद्र ना नदी नाला तालाब जलाशय सरोवर और नहर …. ना कोई पेड़ पौधे हरियाली …. हमारा यहाँ जीवनयापन कैसे होगा ?? …. हंस ने कहा रात बहुत हो गयी गया हम रास्ता भी भटक चुके हैं …. आज रात्रि हम यहीं विश्राम करते हैं और सवेरे रास्ता ढूंढ के वापस हरिद्वार चलेंगे एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे हंस हंसिनी आलिंगनबद्ध हो कर सो गए खेजड़ी पर बैठा उल्लू रात ढ़लते ही जोर-जोर से कर्कश ध्वनि में बोलने लगा हंसिनी ने कहा देखो ये कितना तेज और कर्कश चिल्ला रहा है हंस ने कहा मैं अब समझा यहाँ इतने तेज कर्कश ध्वनि वाले उल्लू रहते हैं इसलिए

क्यूँ किसी भी अपराध को जातियों के आधार से नहीं जोड़ा जाना चाहिए : मेरी कहानी

  छः आठ महीने पहले मेरे जिले (नागौर) में एक घटना हुई थी मुझे उस घटना का मालूम फेसबुक पर तब चला जब एक ही दिन में मुझे 100 मित्रों ने अलग-अलग पोस्ट पर मेंशन किया कि यह आपके जिले/राज्य की घटना/वीडियो है वीडियो विभत्स था कुछ लड़कों ने एक लड़के के गुप्तांगों में पेचकश एवं पेट्रोल डाल दिया था देखते-देखते इस घटना ने राजपूत बनाम दलित का रूप ले लिया था या इस घटना को जानबूझकर दलित बनाम राजपूत बना दिया गया था (भाजपा नेताओं एवं फेसबुकिया भाजपा समर्थकों द्वारा क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है) नागौर की इस घटना के नेपथ्य में कोई जाना नहीं चाहता था कि वजह क्या थी इस प्रकरण की …. वैसे जो भी वजह रही हो मैं किसी अपराधी का महिमामंडन नहीं करता ना दो चार गलत लोगों के कारण पूरी कौम जिले राज्य को बदनाम करता …. अच्छे बुरे सही गलत अपराधी सज्जन लोग हर कौम में होते हैं  मेरी कौम में भी है लेकिन नागौर की इस घटना से बदनामी किसकी हो रही थी ?? सिर्फ नागौर के राजपूतों की ?? सिर्फ राजस्थान के राजपूतों की ?? नहीं हमारा नागौर जिला भौगोलिक क्षेत्रफल एवं जनसंख्या में राजस्थान के टॉप पांच जिलों में शुमार है 19500 वर

लोगो की प्राइवेसी संकट में : शर्णार्थियो के DNA सम्बंधित रिकॉर्ड का संग्रह करेगी अमेरीकी सरकार

  शुक्रवार को ट्रम्प प्रशासन ने औपचारिक रूप से अमेरिकी नागरिकों के प्रायोजकों और अन्य लोगों को शामिल करने के लिए हिरासत में लिए गए प्रवासियों से आगे जाने के लिए डीएनए और आप्रवासियों के अन्य बायोमेट्रिक डेटा के अपने संग्रह का व्यापक विस्तार करने का प्रस्ताव रखा। विभाग के यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित एक नोटिस में कहा गया है कि इसका प्रस्ताव बहुत हद तक जैविक जानकारी को विस्तृत करता है, जिसे डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने आई स्कैन, वॉइसप्रिंट और हथेली के छापों को शामिल करने के लिए जेनेटिक मटीरियल से परे इकट्ठा किया है। यह योजना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नवीनतम चाल है, जिन्होंने देश के आव्रजन प्रणाली को रीमेक करने और अपने अभियान के वादों पर अच्छा काम किया, क्योंकि उन्होंने नवंबर में फिर से चुनाव की मांग की थी। उनके प्रशासन ने पिछले साल अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए प्रवासियों के डीएनए के संग्रह के लिए बुलाया था, यह तर्क देते हुए कि इसे 2005 के कानून के तहत अनुमति दी गई थी और धोखाधड़ी का पता लगाने और ठंड के मामलों को हल करने

अफगान और तालीबान के बीच हुआ शान्ति-वार्ता - दोनों तरफ से होगा सीज-फायर

  दशको से चली आ रही लडाई जिसने हजारो लोगो को काल कवलित और इससे ही दोगुने लोगो को भुखमरी से मार दिया,एक बार फिर फिर उस लडाई को खत्म करने के लिए अफगान सरकार ने शान्ति समझौते के लिए तालिबानी मध्यस्थ के साथ बातचीत करना शुरू कर दिया है क़तर के दोहा में हुयी इस बैठक में तालिबान की तरफ से Mawlavi Abdul Hakim अपनी बात रखने आया हैं जो तालिबान के मुख्य कमांडर हैबतुल्लाह के करीबी है वहीँ दूसरी तरफ अफगान सरकार की और अफगान सीक्रेट सेवा के अफसर Masoom Stanekzai की 21 सदस्यीय टीम थी दोनों तरफ की वार्ता में आपसी तालमेल को बिठाने और हथियारों के प्रयोग पर रोक लगाने के प्रस्ताव रखे गये,और आपसी कैसियो के आदान-प्रदान पर बातें की गयी जिसके हिसाब से अफगान आर्मी 5000 से अधिक बंद किये गये तालिबान लडाको को छोड़ेगी वहीँ दूसरी तरफ तालिबान अफगन सेना के 1000 कैदी सैनिको को रिहा करेगा, इस शान्ति वार्ता की शुरुआत बहुत दिनों से चली आ रही है या लेकिन फ़रवरी में ट्रम्प सरकार के कोशिशो के बाद शांतिवार्ता में तेजी आई और दोनों पक्षो से कतर में मिलने के लिए कहा गया , कैदियों की रिहाई से शुरुआत करते हुए अफगान सरकार ने तुरंत ही

भारत-चीन विवाद : वो कहानी जिसे शुरू करने वाले न रहे लेकिन अंत करने वाले मौजूद है

  दो दिग्गज, पुराना विवाद और अबकी बार कोई भी पीछे हटने को तैयार नही,कभी हटे तो कभी फिर से कब्जा करने की कोशिस , एशियाई देश भारत और चीन का बॉर्डर इन दिनों विवाद का मुख्य स्थान बन गया है, इधर भारत सरकार का कहना है की चीनी सैनिक बदले की कारवाई के लिए भारत को न उकसाए उधर चीन का कहना है की भारत बार बार चीनी सीमा पर अवैध निर्माण के लिए विवाद को बधा रहा है चीन और भारत का विवाद दशको से चलता आ रहा है,तत्कालीन भारत के पीएम ने चीन के साथ अपने संबंधो को बहुत ही ज्यादा बढाने की कोशी की लेकिन उसके बावजूद चीन ने ऐसा न किया, चीन को लगा की भारत सरकार अपने सैनिको या अपने देश की सीमायों से ज्यादा पर्सनल ब्रांडिंग में लगे हुए है , नेहरु के हिंदी- चीनी भाई भाई के स्लोगन के बाद भी चीन ने कुछ महीनों बाद ही भारत पर आक्रमण कर दिया और अरुचाल प्रदेश की कई सिदो एकड़ जमीन पर कब्जा करने के बाद भी अपनी चीनी चाल से बाज नहीं आया इधर भारटी के ततकालीन पीएम ने अपने सैकड़ो सैनिको की बली देने के बाद भी चीनियों के साथ निकटता बनाये रखी , चीन की इस हरकत के बावजूद वो इसे सिर्फ बंजर जमीन बताते हुये चीन को खुली छोट दे दी थी नेहरु

वसुंधरा का कारनामा - विरोध के बावजूद अपराधी आनंदपाल का दाह संस्कार करवा दिया

  हमारे यहां सांवराद (लाडनूं/नागौर) गांव में आनंदपाल सिंह का शव रखे 14 दिन हो चुके थे यह शव एक डीप-फ्रीज़ में रखा हुआ था क्षत्रिय समाज अपनी मांगों पर अड़ा हुआ था कि इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच हो …. और कोई ज्यादा बड़ी विशेष मांगे या डिमांड नहीं थी यह प्रदर्शन वसुंधरा सरकार के गले की हड्डी बन चुका था और उनको कैसे भी इस शव का दाह संस्कार करवाना था …. 13 वें दिन क्षत्रिय समाज व राजस्थान पुलिस में बड़ा संघर्ष भी हो चुका था वसुंधरा सरकार ने एक नया रास्ता निकाला पर्यावरण मंत्रालय राजस्थान ने एक अधिसूचना/नॉटिस जारी किया कि इस शव से अब महामारी फैल सकती है इसलिए इसका अंतिम संस्कार 24 घण्टों में कैसे भी करवा कर वसुंधरा सरकार नॉटिस के आदेश की अनुपालना से अवगत करवाये इस पूरे ऑपरेशन की कमान वसुंधरा सरकार ने अजीतसिंह शेखावत (डीजी जेल राजस्थान) को सौंपी थी जो खुद क्षत्रिय समाज से आते थे…. राजस्थान के राजपूत समाज के बाकी आला पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का भी घटनास्थल पर जमावड़ा था …. सांवराद गांव में उस दिन क्षत्रिय समाज के प्रदर्शनकारी बहुत कम थे …. शेखावत जी ने पहले भारी पुलिस जाब्ता लगाकर गांव को प्रद