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इजराइल और बेहरीन में हुआ समझौता,अब विरोधी नही, बनेंगे बिजनेश पार्टनर

 

मिडिल ईस्ट देशो में इन दिनों धमाको के बजाय यारी-दोस्तों के गीत गाये जा रहे है,कभी लोकतंत्र के नाम पे हथियारबंद लोगो के जत्थे निकला करते थे,चारो तरफ शहरों के शहर धमाको में खत्म हो जात्ये थे वहां आज बिजनेस से लेकर प्रोडक्टिविटी की बातें हो रही है
सरकारें पुराने ढर्रे को छोडकर अपने दुश्मन देशो के साथ हाथ मिला रही है

अब इजराइल के साथ आया बहरीन 

अरब देशो ने इजराइल के साथ सम्बन्ध अच्छे करने में in दिनों बड़ी तेजी दिखाई है जिसका वैसे तो पूरा श्रेय अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रम्प और उसकी सरकार को दिया जा रहा है लेकिन तमाम अटकलों के बावजूद कुछ और भी है जिसे ये देश इजराइल के साथ सम्बन्ध बनाने पर राजी हुए है

दोनों देशो के टाई आप की खबरे आते ही वैश्विक नेताओ ने अपनी राय देना शुरू कर दिया एक तरफ जहाँ इसे गलत बताया जा रहा है वहां दूसरी तरफ कई देश जो की खुद अरब देश है वो इसे एक सही कदम बता रहे है

सबसे पहली प्रतिक्रिया फिलिस्तीन की तरफ से आई है जिसके सोशल अफेयर मंत्री ने कहा है की ये फिलिस्तीन के साथ धोखा देने वाली बात है,पिछले महीने uae और इजराइल के टाई अप के बाद ये खबर बहुत ही दुखद है और हम कहना चाहते है की इससे फिलिस्तीन की लड़ाई कमजोर न पड़ेगी ,अरब देश फिलिस्तीन और उसके लोगो को पीछे से वार करके मार रहे है

वहीँ दूसरी तरफ ईरान ने भी फिलिस्तीन का पक्ष लेते हुए इसे इस्लामिक कंट्रीज के लिए शर्मनाक बताया है,ईरान के कमांडर ने ब्यान जारी करते हुए कहा है कि -इसरेअल के साथ टाई अप से बहरीन ने अपने फिलिस्तीनी भाइयो के साथ गलत किया है

वहीँ दूसरी तरफ कुछ अच्छी प्रतिकिया भी आई है जिनमें से एक है UAE जिसने पिछले महीने ही अपने और इजराइल के बीच समझौते किये है जिनमे नई तकनीक के साथ ही मेडिकल भी शामिल था UAE ने इसे बहुत ही अच्छा और सकारातमक कदम बताया है

वहीँ EGYPT के प्रेसेदेंट ने कहा है की मिडिल ईस्ट में शान्ति बहाली के लिए ऐसे कदम उठाना लाजमी हो गया है इसी तरह से हम फिलिस्तीन की समस्या को हल कर सकते है

 

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